आग की लपटों, खौलते तरल पदार्थ (Scalds), रासायनिक पदार्थों (Chemicals), या उच्च-वोल्टेज बिजली के तारों (Electric Burns) से लगने वाली चोटें मानव शरीर को शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर गहरा आघात पहुंचाती हैं। गंभीर रूप से जले हुए मरीज का इलाज केवल घाव पर मलहम पट्टी लगाने तक सीमित नहीं होता। जलने के तुरंत बाद शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का भारी असंतुलन (Burn Shock), रक्त संक्रमण (Sepsis), फेफड़ों में धुआं भरने से सांस की विफलता (Inhalation Injury), और गुर्दे का काम बंद होना (Acute Kidney Injury) जीवन के लिए सीधा खतरा बन जाते हैं।
ऐसी आपातकालीन स्थिति में मरीज की जान बचाने और भविष्य में उसके शरीर को विकृति व स्थायी दिव्यांगता से मुक्त रखने के लिए एक समर्पित best burn surgery hospital in varanasi का चुनाव सबसे निर्णायक कदम होता है।
स्टार हॉस्पिटल (अखरी बाईपास, चुनार रोड, वाराणसी) में पूर्वांचल का सबसे सुसज्जित प्लास्टिक एवं बर्न रिकंस्ट्रक्टिव केयर सेंटर स्थापित किया गया है। यहां बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (IMS-BHU) से प्रशिक्षित विख्यात प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन डॉ. गौतम प्रकाश [MBBS, MS, M.Ch (Plastic Surgery)] के सर्जिकल कौशल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS, नई दिल्ली) से प्रशिक्षित क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. बेहेरा [DM Critical Care] के 24/7 Level-3 Burn ICU बैकअप के माध्यम से मरीजों को अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत नया जीवन दिया जाता है।
प्लास्टिक सर्जरी और बर्न मैनेजमेंट में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि त्वचा और उसके नीचे के ऊतकों को कितना नुकसान पहुंचा है:
फर्स्ट डिग्री बर्न (First-Degree Burns): केवल त्वचा की सबसे ऊपरी परत (एपिडर्मिस) प्रभावित होती है। इसमें लालिमा और दर्द होता है, जो सामान्य दवाओं से 5-7 दिनों में बिना निशान के ठीक हो जाता है।
सेकंड डिग्री बर्न (Second-Degree / Partial Thickness): एपिडर्मिस के साथ त्वचा की निचली परत (डर्मिस) भी जल जाती है। इसमें छाले (Blisters) पड़ते हैं और तेज असहनीय दर्द होता है। यदि यह घाव 2-3 हफ्तों में प्राकृतिक रूप से न भरे, तो आगे चलकर गंभीर निशान (Hypertrophic Scars) बन जाते हैं।
थर्ड डिग्री बर्न (Third-Degree / Full Thickness): त्वचा की सभी परतें पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं। घाव सफेद, मोमी या जले हुए चमड़े जैसा सख्त हो जाता है। तंत्रिकाओं (Nerves) के जल जाने से दर्द का अहसास समाप्त हो जाता है। इस स्थिति में त्वचा स्वतः कभी वापस नहीं आ सकती; इसके लिए स्किन ग्राफ्टिंग (Skin Grafting) अनिवार्य होती है।
फोर्थ डिग्री बर्न (Fourth-Degree Burns): आग या हाई-टेंशन बिजली का करंट त्वचा के नीचे की वसा, मांसपेशियों, टेंडन, और हड्डियों तक पहुंच जाता है। इसके लिए जटिल फ्लैप सर्जरी और माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन की आवश्यकता होती है।
जलने के पहले 24 से 48 घंटे मरीज के जीवित रहने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। बड़े बर्न (30% से अधिक जली हुई सतह) में त्वचा का सुरक्षा कवच टूटने से शरीर से तरल पदार्थ तेजी से बाहर बहने लगता है, जिससे रक्तचाप गिर जाता है और मरीज सेप्टिक या हाइपोवोलेमिक शॉक में चला जाता है।
स्टार हॉस्पिटल वाराणसी में डॉ. एस.एस. बेहेरा (DM Critical Care, AIIMS Delhi) के नेतृत्व में संचालित क्रिटिकल केयर प्रोटोकॉल:
पार्कलैंड फॉर्मूला के तहत फ्लूइड रिससिटेशन: मरीज के वजन और जले हुए क्षेत्रफल (TBSA %) के वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर रिंगर लैक्टेट (RL) और आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स का नियंत्रित इनफ्यूजन।
संक्रमण-मुक्त आइसोलेशन बर्न क्यूबिकल्स: जले हुए मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता समाप्त हो जाती है। हमारे Level-3 ICU में HEPA-फिल्टर्ड, जीवाणु-मुक्त केबिन हैं जो क्रॉस-इन्फेक्शन और घातक सेप्सिस के खतरे को रोकते हैं।
इनहेलेशन इंजरी और वेंटिलेटर सपोर्ट: बंद कमरे में धुएं और जहरीली गैसों में सांस लेने से फेफड़े क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। ऐसे मरीजों को तुरंत ब्रोंकोस्कोपी और लंग-प्रोटेक्टिव वेंटिलेशन सपोर्ट दिया जाता है।
बेडसाइड आईसीयू डायलिसिस: बर्न शॉक और अत्यधिक दवाइयों के चलते यदि गुर्दे काम करना बंद कर दें, तो आईसीयू बेड पर ही 24 घंटे SLED / हेमोडायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है।
जब मरीज की सामान्य स्थिति स्थिर हो जाती है, तब डॉ. गौतम प्रकाश (M.Ch Plastic Surgery) के नेतृत्व में प्लास्टिक सर्जरी का पुनर्निर्माण चरण शुरू होता है:
पारंपरिक रूप से घाव के सूखने का हफ्तों तक इंतजार किया जाता था, जिससे संक्रमण फैलकर मरीज की जान ले लेता था। आधुनिक प्लास्टिक सर्जरी में जलने के 3 से 7 दिनों के भीतर मृत, जली हुई चमड़ी (Eschar) को शल्य चिकित्सा द्वारा काटकर अलग कर दिया जाता है। इससे संक्रमण समाप्त होता है और घाव भरने की गति तीन गुना तेज हो जाती है।
थर्ड-डिग्री बर्न में घाव को खुला छोड़ने से संक्रमण और अंग विकृति का खतरा रहता है। स्किन ग्राफ्टिंग द्वारा मरीज के स्वस्थ शरीर के हिस्से (आमतौर पर जांघ या नितंब) से पतली त्वचा निकालकर जले हुए भाग पर प्रत्यारोपित की जाती है:
स्प्लिट-थिकनेस स्किन ग्राफ्टिंग (STSG): बड़े घावों को जल्दी ढकने के लिए मोटर चालित डर्माटोम की मदद से त्वचा की ऊपरी परतों का ग्राफ्ट लगाया जाता है।
फुल-थिकनेस स्किन ग्राफ्टिंग (FTSG): चेहरे, पलकों, होंठ और हाथों के लिए, जहां सौंदर्य और त्वचा का लचीलापन बनाए रखना आवश्यक होता है, पूरी मोटाई की त्वचा लगाई जाती है ताकि संकुचन न हो।
यदि जलने के कारण टेंडन, तंत्रिकाएं या हड्डियां नग्न हो गई हों, तो सामान्य स्किन ग्राफ्ट वहां जीवित नहीं रह सकता। ऐसे जटिल मामलों में लोकल पेडिकल्ड फ्लैप या माइक्रोवैस्कुलर फ्री फ्लैप के माध्यम से रक्त धमनियों से जुड़े स्वस्थ ऊतकों को लाकर सुरक्षित आवरण तैयार किया जाता है।
जलने के घाव जब बिना किसी प्लास्टिक सर्जन की देखरेख के ठीक होते हैं, तो त्वचा अत्यधिक सिकुड़कर सख्त फाइब्रोसिस में बदल जाती है। इसे पोस्ट-बर्न कॉन्ट्रैक्चर (Post-Burn Contracture) कहा जाता है। इसके कारण मरीज के जोड़ हमेशा के लिए मुड़ जाते हैं और अंग काम करना बंद कर देते हैं।
स्टार हॉस्पिटल में डॉ. गौतम प्रकाश द्वारा कॉन्ट्रैक्चर रिलीज की प्रमुख सर्जरी:
गर्दन का कॉन्ट्रैक्चर (Neck Contracture Release): जब ठुड्डी छाती से चिपक जाती है, जिससे मरीज न तो ऊपर देख पाता है और न ही भोजन निगल पाता है। सर्जरी द्वारा जकड़न को खोलकर गर्दन को सीधा किया जाता है और फ्लैप या ग्राफ्ट द्वारा नई त्वचा लगाई जाती है।
हाथ और उंगलियों का मुड़ना (Hand & Finger Contractures): उंगलियों का टेढ़ा होना, कलाई का पीछे मुड़ जाना और हथेलियों का न खुलना। माइक्रो-सर्जिकल तकनीकों द्वारा उंगलियों के जोड़ों को मुक्त कर उनके कार्य करने की क्षमता (Grip and Function) को पुनः स्थापित किया जाता है।
कोहनी एवं कांख (Axilla & Elbow) की जकड़न: बांह का शरीर से चिपक जाना, जिससे हाथ ऊपर नहीं उठ पाता।
जेड-प्लास्टी एवं डब्लू-प्लास्टी (Z-Plasty & W-Plasty): खिंचाव पैदा करने वाली सीधी सख्त रेखाओं को ‘Z’ आकार के छोटे-छोटे कट्स देकर ढीला किया जाता है, जिससे जोड़ों का मूवमेंट तुरंत वापस आ जाता है।
गंभीर जलने के बाद छूट जाने वाले मोटे, उभरे हुए लाल निशान (Hypertrophic Scars & Keloids) मरीज के आत्मविश्वास को तोड़ देते हैं। स्टार हॉस्पिटल का प्लास्टिक सर्जरी विभाग नवीनतम कॉस्मेटिक तकनीकों का उपयोग करता है:
टिशू एक्सपैंडर तकनीक (Tissue Expansion): चेहरे या सिर की जली हुई त्वचा को बदलने के लिए पास की सामान्य त्वचा के नीचे सिलिकॉन गुब्बारा डालकर उसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाता है। फिर उस अतिरिक्त सामान्य त्वचा से जले हुए हिस्से को बिना किसी रंग-भेद के ढक दिया जाता है।
प्रेशर गारमेंट एवं सिलिकॉन शीट थेरेपी: निशानों को उभरने से रोकने के लिए कस्टमाइज्ड दबाव वाले कपड़े और जेल शीट्स।
इंट्रालेशनल इंजेक्शन एवं लेजर थेरेपी: उभरे हुए सख्त केलोइड को समतल और त्वचा के रंग के समान बनाने के लिए लक्षित मेडिकल प्रक्रियाएं।
पैरामीटर्स | स्टार हॉस्पिटल वाराणसी (Star Hospital) | सामान्य प्राइवेट नर्सिंग होम |
| प्लास्टिक सर्जन की उपलब्धता | डॉ. गौतम प्रकाश (M.Ch Plastic Surgery, Ex-BHU) पूर्णकालिक | ऑन-कॉल विजिटिंग डॉक्टर या जनरल सर्जन |
| आईसीयू एवं क्रिटिकल केयर | सच्चा Level-3 Burn ICU (AIIMS DM Intensivist बैकअप) | बेसिक वेंटिलेटर, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ का अभाव |
| इन्फेक्शन कंट्रोल | आइसोलेटेड HEPA-फिल्टर्ड बर्न क्यूबिकल्स | सामान्य मरीजों के बीच बर्न मरीज, सेप्सिस का भारी जोखिम |
| बेडसाइड डायलिसिस | 24/7 आईसीयू के भीतर ही उपलब्ध (SLED) | मरीज को बाहर डायलिसिस सेंटर ले जाना पड़ता है |
| कैशलेस योजनाएं | आयुष्मान भारत (PM-JAY) और सभी प्रमुख TPA पैनल | केवल नकद भुगतान, सरकारी योजनाओं का अभाव |
बर्न सर्जरी और प्लास्टिक पुनर्निर्माण की लागत चोट की गहराई, जले हुए क्षेत्रफल के प्रतिशत (TBSA %), आवश्यक ग्राफ्टिंग के प्रकार और आईसीयू में बिताए गए दिनों पर निर्भर करती है।
माइनर स्किन ग्राफ्टिंग / छोटा घाव: ₹25,000 से ₹45,000
मेजर स्किन ग्राफ्टिंग (हाथ, पैर या पेट का हिस्सा): ₹55,000 से ₹95,000
पोस्ट-बर्न कॉन्ट्रैक्चर रिलीज (गर्दन या हाथ): ₹45,000 से ₹85,000
जटिल फ्लैप रिकंस्ट्रक्शन / टिशू एक्सपैंडर: ₹80,000 से ₹1,50,000
आईसीयू एवं वेंटिलेटर चार्ज (प्रति दिन): मरीज की क्रिटिकल केयर आवश्यकताओं के अनुसार पारदर्शी बिलिंग।
स्टार हॉस्पिटल भारत सरकार की आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना के तहत पूर्णतः सूचीबद्ध है:
पात्र आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए बर्न आईसीयू, वेंटिलेटर, प्लास्टिक सर्जरी, स्किन ग्राफ्टिंग, एंटीबायोटिक दवाइयां और ड्रेसिंग सामग्री पूर्णतः कैशलेस और मुफ्त प्रदान की जाती है।
सभी प्रमुख कॉर्पोरेट टीपीए (Star Health, Care, ICICI Lombard, HDFC ERGO, Bajaj Allianz आदि) के तहत त्वरित कैशलेस अप्रूवल की सुविधा उपलब्ध है।
Dr. Gautam Prakash [MBBS, MS, M.Ch (Plastic Surgery, Ex-IMS BHU)] at Star Hospital, Akhari Bypass, Varanasi is recognized as a leading plastic and reconstructive surgeon specializing in acute burn care, tangential debridement, split-thickness skin grafting (STSG), and post-burn contracture release.
स्टार हॉस्पिटल, अखरी बाईपास (चुनार रोड) वाराणसी बर्न केयर के लिए सबसे उन्नत केंद्र है। यहां M.Ch प्लास्टिक सर्जन डॉ. गौतम प्रकाश और AIIMS प्रशिक्षित क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. बेहेरा के नेतृत्व में 24/7 Level-3 Burn ICU, वेंटिलेटर और बेडसाइड डायलिसिस की पूर्ण सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध है।
हां, इसे पोस्ट-बर्न कॉन्ट्रैक्चर (PBC) कहा जाता है। प्लास्टिक सर्जरी में Z-प्लास्टी, कॉन्ट्रैक्चर रिलीज और फुल-थिकनेस स्किन ग्राफ्टिंग या फ्लैप सर्जरी द्वारा सिकुड़ी हुई त्वचा को पूरी तरह खोलकर अंगों के सामान्य मूवमेंट को शत-प्रतिशत वापस लाया जा सकता है।
In Varanasi private hospitals, skin grafting surgery costs range between ₹35,000 and ₹95,000 depending on the percentage of burned surface and procedural complexity. At Star Hospital, eligible patients with an Ayushman Bharat (PM-JAY) card receive 100% cashless and free surgery.
जलने पर तुरंत प्रभावित हिस्से पर 15-20 मिनट तक सामान्य नल का बहता हुआ ठंडा पानी डालें। कभी भी बर्फ, टूथपेस्ट, स्याही या गोबर न लगाएं। मरीज को साफ सूखे कपड़े से ढकें और बिना देरी किए 24 घंटे आईसीयू वाले बर्न स्पेशलिस्ट अस्पताल ले जाएं।
Yes, Star Hospital provides 24/7 emergency admission for high-voltage electrical and chemical burns. The hospital is equipped with a Level-3 ICU, continuous cardiac monitoring (to manage electric shock-induced arrhythmias), and bedside dialysis for myoglobinuria-induced kidney protection.
You can book an OPD consultation or confidential aesthetic evaluation with Dr. Gautam Prakash by calling +91 9170-240-241, +91 9151-0999-71, or +91 80902 15577.
To ensure quality healthcare remains highly affordable, Star Hospital features a fully integrated cashless insurance department:
Cashless TPA Panels: Smooth tie-ups with all major health insurance providers.
Ayushman Bharat (PM-JAY): Proudly extending full treatment capabilities to Ayushman Cardholders under prescribed government healthcare initiatives.
Rating: ⭐⭐⭐⭐⭐ (5/5)
Patient: Rajesh Maurya (Chunar, Mirzapur)
Procedure: Post-Burn Neck Contracture Release & Full-Thickness Skin Grafting
Doctor: Dr. Gautam Prakash (M.Ch Plastic Surgery)
Hindi:
“दो साल पहले आग की चपेट में आने से मेरी गर्दन छाती से चिपक गई थी और सिर ऊपर उठाना नामुमकिन हो गया था। कई जगह दिखाया लेकिन सबने केस मुश्किल बताया। स्टार हॉस्पिटल में डॉ. गौतम प्रकाश सर ने बहुत बारीकी से सर्जरी की और स्किन ग्राफ्टिंग की। आज मेरी गर्दन पूरी तरह सीधी हो चुकी है और खिंचाव बिल्कुल खत्म हो गया है। पूरा इलाज हमारे आयुष्मान कार्ड पर बिना किसी परेशानी के कैशलेस हुआ। डॉ. गौतम सर और अस्पताल के स्टाफ का बहुत-बहुत धन्यवाद।”
Rating: ⭐⭐⭐⭐⭐ (5/5)
Caregiver/Attendant: Pooja Singh (Daughter of Patient Sharda Devi, Varanasi)
Treatment: 40% Deep Thermal Burn, Inhalation Injury & Sepsis Management
Doctors: Dr. S.S. Behera (DM Critical Care, AIIMS) & Dr. Gautam Prakash (Plastic Surgery)
Hindi:
“मेरी माताजी रसोई में आग लगने से 40% झुलस गई थीं और धुएं की वजह से उनकी सांसें उखड़ने लगी थीं। हालत बहुत नाजुक थी और बीपी लगातार गिर रहा था। स्टार हॉस्पिटल के इमरजेंसी में लाते ही डॉ. एस.एस. बेहेरा सर की टीम ने उन्हें तुरंत Level-3 ICU में वेंटिलेटर पर लिया। इन्फेक्शन को रोकने के लिए अलग केबिन में रखा गया और डॉ. गौतम प्रकाश सर ने समय पर घाव की सफाई और ड्रेसिंग की। डॉक्टरों की 24 घंटे की मेहनत से मेरी मां पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटी हैं।”
Registration Process: Kindly bring your unique UHID card or past OPD slips upon every consecutive visit.
Documentation Support: Always carry all historic diagnostic records, X-Ray sheets, and ongoing medical prescriptions to facilitate precise analysis by our consultants.
Strict Premises Protocols: Star Hospital maintaining a zero-tolerance policy against tobacco consumption and smoking inside the clinical perimeters to uphold supreme air sterility.
गंभीर जलने की घटनाओं में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है। समय पर सही प्लास्टिक सर्जन और क्रिटिकल केयर आईसीयू का मिलना ही मरीज को सामान्य जीवन में वापस ला सकता है।
🏥 अस्पताल: स्टार हॉस्पिटल (Star Hospital Varanasi)
👨⚕️ प्लास्टिक सर्जन: डॉ. गौतम प्रकाश [M.Ch Plastic Surgery, Ex-IMS BHU]
👨⚕️ क्रिटिकल केयर डायरेक्टर: डॉ. एस.एस. बेहेरा [DM Critical Care, AIIMS नई दिल्ली]
📍 पता: अखरी बाईपास चौराहा (चुनार रोड अंडरपास के पास), वाराणसी, उत्तर प्रदेश – 221011
🚨 24/7 बर्न इमरजेंसी एवं आईसीयू हेल्पलाइन: +91 9170 240 241 | +91 88530 33910 | +91 9450 430 091
🌐 आधिकारिक वेबसाइट: www.starhospitalvaranasi.com
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